
आशीर्वाद: मैने डॉ. 'निशंक' की महान कृति 'ऍ वतन तेरे लिये' को पढ़ा और समझा और उसका मनन किया। मै विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि हिमालय से निकली निशंक की गंगामयी काव्यधारा राष्ट्र के निर्माण में नींव का पत्थर बनेगी। डॉ. 'निशंक' ने कवि के रूप में देदीप्यमान की तरह ससक्त उपस्थिति दर्ज करायी। उनकी अबाध साहित्यक यात्रा हिन्दी के सम्रृधी और श्रीवृद्धि में बङी भूमिका निभायेगी। सक्रिय राजनीति में रह्ते हुये भी जिस प्रखरता से डॉ. 'निशंक' साहित्य के क्षेत्र मे लगातार संघर्षरत है। वह आम आदमी के बस की बात नहीं है। मुझे डॉ. 'निशंक' की संघर्षशीलता और दृढ़ इच्छा शक्ति पर पूर्ण विश्वास है। कि वह अपने राजनैतिक जीवन की व्यवस्थाओ के उपरांत अपनी लेखनी के माध्यम से आम जनमानस की भावनाओं को उभारकर समाज के सामने ऐसे प्रश्न खङे करते रहेगे जिनके उत्तर के लिये कभी ना कभी जिम्मेदार व्यक्तियों को अपने कर्तव्यो का एह्सास हो जायेगा।डॉ. अटलविहारी वाजपेयी पूर्व प्रधानमंत्री मई २००७ ![]() डॉ. निशंक राष्ट्रीय विचारधारा के कवि है। वह राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र निर्माण के लिये दृढ़ संकल्प नींव तैयार करना चाह्ते है। उनकी सुविचारिता कविताओ मे युग का वेताल बनने की संभावना दृष्टिगोचर हो रही है। म्रृत पीढ़ी को संजीवनी देती उनकी कविताऍ हर नौजवान के लिये सारथीय है। अमिताभ बच्चन
अभिनेता |
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दिल्ली में आयोजित समारोह में पूर्व प्रधान मंत्री श्री अटल विहारी वाजपेयी द्वारा साहित्य भारती सम्मान। राष्ट्रपति डॉ- ए-पी-जे- अब्दुल कलाम आजाद द्वारा राष्ट्रपति भवन में साहित्य गौरव सम्मान। |
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