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डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' का जन्म १५ अगस्त १९५९ में  पिनानी गांव  के जनपद पौडी गढ़वाल में हुआ था उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. और  पी.एच.डी. किया।



उनका Ã Â¤ÂœÃ Â¤Â¨Ã Â¥ÂÃ Â¤Â® हिमालय की महान वादियों के पिनानी गांव के एक सामान्य परिवार में हुआ Ã Â¤Â¥Ã Â¤Â¾ वे अपने गांव से ८ किलोमीटर दूर पैदल चलकर Ã Â¤Â¸Ã Â¥ÂÃ Â¤Â•ूल जाया Ã Â¤Â•रते थे।


राजनैतिक यात्रा: पेशे Ã Â¤Â¸Ã Â¥Â‡ पत्रकार Ã Â¤Â°Ã Â¤Â¹ Ã Â¤ÂšÃ Â¥ÂÃ Â¤Â•े निशंक Ã Â¤ÂœÃ Â¥Â€ Ã Â¤ÂªÃ Â¤Â¹Ã Â¤Â²Ã Â¥Â€ Ã Â¤Â¬Ã Â¤Â¾Ã Â¤Â° Ã Â¥Â§Ã Â¥Â¯Ã Â¥Â¯Ã Â¥Â§ में Ã Â¤Â•र्णप्रयाग Ã Â¤Â¸Ã Â¥Â‡ एम.एल.ए. की Ã Â¤Â¸Ã Â¥Â€Ã Â¤ÂŸ के Ã Â¤Â²Ã Â¤Â¿Ã Â¤Â¯Ã Â¥Â‡ चुने गये बस यहीं से Ã Â¤Â‰Ã Â¤Â¨Ã Â¤Â•ा राजनैतिक कार्यकाल प्रारंभ हुआ।


चुनाव क्षेत्र: सन् १९९१, १९९३, १९९६ में कर्णप्रयाग  विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार उत्तरप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री (उत्तरांचल विकास विभाग), १९९८ में उत्तरप्रदेश के सांस्कृतिक और धर्मस्व मंत्री बने।


साहित्यकार: वह एक अच्छे साहित्यकार Ã Â¤Â­Ã Â¥Â€ है। Ã Â¤Â‡Ã Â¤Â¸Ã Â¤Â²Ã Â¤Â¿Ã Â¤Â¯Ã Â¥Â‡ वह कई साहित्यक Ã Â¤Â”र सांस्कृतिक Ã Â¤Â¸Ã Â¤Â®Ã Â¤Â¿Ã Â¤Â¤Ã Â¤Â¿Ã Â¤Â¯Ã Â¥Â‹Ã Â¤Â‚ में भी सहयोगी रह Ã Â¤ÂšÃ Â¥ÂÃ Â¤Â•े Ã Â¤Â¤Ã Â¤Â¥Ã Â¤Â¾ Ã Â¤Â•ई Ã Â¤Â¸Ã Â¤Â¾Ã Â¤Â‚स्कृतिक Ã Â¤ÂªÃ Â¥ÂÃ Â¤Â¸Ã Â¥ÂÃ Â¤Â¤Ã Â¤Â•ें भी लिखीं। उत्तरांचल Ã Â¤Â•े निर्माण के समय डॉ. रमेश Ã Â¤ÂªÃ Â¥Â‹Ã Â¤Â–रियाल 'निशंक' उत्तरप्रदेश सरकार से उत्तरांचल के मंत्री Ã Â¤Â¬Ã Â¤Â¨Ã Â¥Â‡Ã Â¥Â¤ Ã Â¤Â‡Ã Â¤Â¸Ã Â¤Â¸Ã Â¥Â‡ Ã Â¤ÂªÃ Â¤Â¹Ã Â¤Â²Ã Â¥Â‡ Ã Â¤ÂµÃ Â¤Â¹Ã Â¥Â पर्वतीय विकास मंत्री भी Ã Â¤Â°Ã Â¤Â¹ Ã Â¤ÂšÃ Â¥ÂÃ Â¤Â•े है।
वर्तमान में उत्तराखण्ड Ã Â¤Â¸Ã Â¤Â°Ã Â¤Â•ार Ã Â¤Â¸Ã Â¥Â‡ स्वास्थ्य, Ã Â¤ÂªÃ Â¤Â°Ã Â¤Â¿Ã Â¤ÂµÃ Â¤Â¾Ã Â¤Â° Ã Â¤Â•ल्याण, भाषा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के Ã Â¤Â•ैबिनेट मंत्री Ã Â¤Â¹Ã Â¥Âˆ ।

 

 
सम्मान

दिल्ली में आयोजित समारोह में पूर्व प्रधान मंत्री श्री अटल विहारी वाजपेयी द्वारा साहित्य भारती सम्मान।

राष्ट्रपति डॉ- ए-पी-जे- अब्दुल कलाम आजाद द्वारा राष्ट्रपति भवन में साहित्य गौरव सम्मान।

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